आगरा।
अपनी पत्नी की निर्मम हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में जेल में बंद पुलिसकर्मी गौरव उर्फ पन्ना लाल को अदालत से राहत नहीं मिली है।
जिला जज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज करने के आदेश दिए हैं।
प्रकरण थाना किरावली क्षेत्र के ग्राम मलिकपुर का है। वादी मुकदमा धर्म सिंह ने अपनी दो पुत्रियों संगीता और प्रियंका का विवाह दो सगे भाइयों सौरभ और गौरव उर्फ पन्ना लाल के साथ किया था।
आरोप के अनुसार, मृतका प्रियंका ने अपने मायके वालों को बताया था कि उसके पति गौरव के अपनी विधवा भाभी के साथ अवैध संबंध थे। जब प्रियंका ने इस बात का विरोध किया, तो घटना से दो-तीन दिन पहले भी उसके साथ मारपीट की गई और उसे जान से मारने का प्रयास किया गया था।

घटनाक्रम के मुताबिक, 27 जून 2023 को जब प्रियंका घर में खाना बना रही थी, तब आरोपी के पिता रघुवीर सिंह ने कुल्हाड़ी से वार कर उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी और उसकी निर्मम हत्या कर दी।
वादी की तहरीर पर पुलिस ने पति, ससुर, सास, ननद और विधवा भाभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, शुरुआती विवेचना के बाद पुलिस ने केवल ससुर रघुवीर सिंह के खिलाफ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बाद में वादी द्वारा धारा 319 के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने आरोपी पति सहित अन्य परिजनों को विचारण के लिए तलब किया।
आरोपी गौरव 23 मार्च 2026 से जिला कारागार में बंद है। जमानत पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता ने दलील दी कि आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची थी और यह एक जघन्य अपराध है।
अदालत ने शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी पति की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
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