आगरा।
पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे एक विवाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने मां को डराकर दान पत्र पर कथित रूप से हस्ताक्षर कराने और मारपीट करने के आरोपों में चार आरोपियों को मुकदमे के विचारण (ट्रायल) के लिए 4 दिसंबर को अदालत में तलब किया है।
तलब किए गए आरोपियों में थाना एमएम गेट के मोती कटरा निवासी आशीष वर्मा, राजाबाबू वर्मा, शिवा सोनी, और सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के छिली ईंट घटिया निवासी संजय बाबू वर्मा द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए एक प्रार्थना पत्र से संबंधित है।
संजय बाबू वर्मा ने आरोप लगाया कि उनके पिता जगदीश प्रसाद वर्मा ने अपने जीवनकाल में ही पैतृक संपत्ति सभी भाई-बहनों में बराबर बांट दी थी। पिता की मृत्यु 28 अक्तूबर 2009 को हो गई थी।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, पिता की मृत्यु के बाद से उनके भाई आशीष वर्मा, राजाबाबू वर्मा, और भतीजा शिवा सोनी उनकी मां चंद्रवती से झगड़ा करते थे और वादी (संजय बाबू) के हिस्से के मकान और दुकान को अपने नाम कराने का दबाव बनाते थे। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
डराकर हस्ताक्षर लेने का आरोप:
संजय बाबू वर्मा ने आरोप लगाया कि 6 जुलाई 2022 को जब वह अपनी पत्नी के साथ बाहर गए थे, तब विपक्षी उनके घर आए और मां को मंदिर जाने के बहाने ले गए।
वहां, वादी को जान से मारने की धमकी देकर मां चंद्रवती को डराया गया और उनकी संपत्ति के दान पत्र पर हस्ताक्षर (अंगूठा लगवाया) करा लिए गए।
देर रात घर लौटने पर संजय बाबू ने मां के अंगूठे पर स्याही के निशान देखे। पूछने पर मां ने पूरी घटना की जानकारी दी।
वादी ने यह भी आरोप लगाया है कि 1 अप्रैल को रात 11 बजे आरोपियों ने घर के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की और मारपीट भी की।
सीजेएम अदालत ने सभी पक्षों के साक्ष्यों और आरोपों पर विचार करने के बाद, अब इन चारों आरोपियों को मुकदमे का विचारण शुरू करने के लिए 4 दिसंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
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