आगरा/प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक आदेशों की अनदेखी और लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी अलीगढ़ को कड़ी फटकार लगाई है।
कोर्ट ने आदेश के बावजूद व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल न करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए एसएसपी को 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने अलीगढ़ के निवासी योगेश द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याचिका का उद्देश्य:
याची ने वर्ष 2020 में अलीगढ़ के टप्पल थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले और उसके बाद ट्रायल कोर्ट में चल रही संपूर्ण कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है।
कोर्ट का रुख:
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने एसएसपी अलीगढ़ से पूर्व में जवाब मांगा था।

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी:
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसएसपी अलीगढ़ के रवैये को अपमानजनक’ करार दिया।
अदालत की नाराजगी के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
हलफनामे की कमी: कोर्ट ने दो बार स्पष्ट आदेश दिए थे कि एसएसपी अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें, जिसका अनुपालन नहीं किया गया।
स्पष्टीकरण की मांग: कोर्ट ने एसएसपी से पूछा है कि बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद उन्होंने अब तक अनुपालन क्यों नहीं किया।
डीजीपी को निर्देश: अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP)को इस मामले में हस्तक्षेप करने और एसएसपी अलीगढ़ के खिलाफ उचित कार्यवाही कर कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया है।
निष्कर्ष:
अदालत ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक आदेशों की अवहेलना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी, जिसमें एसएसपी अलीगढ़ को स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
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