आगरा / प्रयागराज 24 सितंबर।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नाबालिग की हत्या के आरोपी की ज़मानत प्रार्थनापत्र को खारिज कर दी है । इसके साथ न्यायालय ने सेशन कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह मुक़दमे की सुनवाई कानूनी प्रावधानों के तहत शीघ्रता से पूरा करे।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने मनु राजभर की अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामले के अनुसार वादी का 13 वर्षीय बेटा 19 जून 2024 को समोसा खाने गया था। इसके बाद वह गायब हो गया। तीन दिन बाद उसका शव कान्ही पुलिया में मिला था।

पता चला कि मृतक आखिरी बार मनु के साथ देखा गया था। मामले में मां पिंकी देवी ने मुकदमा दर्ज कराया गया था। मनु राजभर को पुलिस ने जेल भेज दिया। निचली अदालत ने उसकी जमानत खारिज कर दी।
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कोर्ट ने कहा याची घटना का मुख्य आरोपी है। उसकी निशानदेही पर मृतक के कपड़े आदि बरामद हुए है। अपराध गंभीर है।
पूरी सम्भावना है कि याची ने ही अपराध किया है। आरोपित की तरफ से शशि रंजन कनौजिया ने बहस की। वादी मुकदमा की तरफ से अमित राय ने जमानत का विरोध किया।
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