आगरा।
आगरा की एक विशेष अदालत ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और पुलिस कर्मी के साथ मारपीट करने के मामले में 17 वर्षों से चल रहे मुकदमे का पटाक्षेप कर दिया है।
विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (Spec. CJM) माननीय अचल प्रताप सिंह ने साक्ष्यों के नितांत अभाव में दो सगे भाइयों को ससम्मान बरी करने के आदेश जारी किए।
अदालत ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि बार-बार अवसर और आदेश दिए जाने के बावजूद अभियोजन पक्ष एक भी गवाह पेश करने में विफल रहा।
प्रकरण की पृष्ठभूमि (2009 की घटना):
अभियोजन की कहानी के अनुसार, यह मामला 29 नवंबर 2009 का है। तत्कालीन ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (TSI) उमेश कुमार दुबे भगवान टॉकीज चौराहे पर तैनात थे।
आरोप था कि सुबह करीब 10:30 बजे एक मोटरसाइकिल (UP-80 AH-8494) पर तीन सवारों को देखकर ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड ने उन्हें रोका। जब TSI ने चालान करने की प्रक्रिया शुरू की, तो बाइक सवारों ने उनके साथ मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।
कानूनी कार्यवाही का कालक्रम:
* मुकदमा दर्ज: थाना न्यू आगरा में आईपीसी की धारा 323, 332 और 353 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
* आरोपी: जल सिंह और गगन सिंह (निवासी: ग्राम भानपुर, कागारोल, आगरा)।
* आरोप तय (Charge Frame): अदालत ने 14 सितंबर 2012 को दोनों भाइयों के विरुद्ध विचारण हेतु आरोप तय किए थे।
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न्यायालय का कड़ा रुख:
मुकदमे के विचारण के दौरान, अदालत ने वादी मुकदमा (TSI उमेश कुमार दुबे) और अन्य गवाहों को साक्ष्य हेतु तलब करने के लिए कई प्रतिकूल आदेश और सम्मन जारी किए।
इसके बावजूद, 2012 से लेकर 2026 तक यानी 14 वर्षों के विचारण काल (Trial Period) में एक भी गवाह अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ।
न्यायालय ने पाया कि:
* वादी मुकदमा, जो स्वयं एक पुलिस अधिकारी (TSI) थे, अपनी ही शिकायत को साबित करने के लिए न्यायालय नहीं आए।
* बिना किसी चश्मदीद या स्वतंत्र गवाह की गवाही के, आरोपियों को दोषी ठहराना न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
फैसला:
विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय अचल प्रताप सिंह ने निर्णय सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध दोष सिद्ध करने के लिए कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत करने में पूर्णतया विफल रहा है।
लंबी कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए जल सिंह और गगन सिंह को दोषमुक्त (Acquitted) कर दिया गया।
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केस विवरण:
* न्यायालय: विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आगरा
* मुकदमा: राज्य बनाम जल सिंह एवं अन्य
* प्राथमिकी संख्या: थाना न्यू आगरा (वर्ष 2009)
* विधिक परिणाम: दोषमुक्त (17 वर्ष पश्चात)
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