आगरा /प्रयागराज 08 नवंबर ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश प्रभुनारायण सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कोर्ट ने कहा कि 29 नवंबर तक पूर्व में पारित आदेश का अनुपालन कर हलफनामा दाखिल करें या व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हों।
यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की अदालत ने कुशीनगर के राकेश कुमार सिंह की अवमानना अर्जी पर दियाहै ।
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कुशीनगर के राकेश कुमार सिंह व अन्य किसान गन्ना क्रय केंद्र, पड़री, पिपराती समिति पडरौना, कुशीनगर में गन्ना की आपूर्ति करते हैं। किसानों ने क्रय केंद्र की दुर्व्यवस्थाओं को दूर करने के लिए गन्ना आयुक्त को पत्र लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
याची के वकील सुधीर कुमार सिंह व मनोज कुमार सिंह ने दलील दी कि आवंटित गन्ना क्रय केंद्र की क्षमता से अधिक है। इससे किसानों के गन्ना की तौल कई दिनों तक नहीं हो पाती है। इससे गन्ना सूख जाता है और किसानों का नुकसान होता है। साथ ही गांव के ट्रांसपोर्टर के चलते भी नुकसान होता है।
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न्यायालय ने 16 अक्तूबर 2023 को याचिका निस्तारित करते हुए कहा था कि गन्ना आयुक्त यूपी सरकार के समक्ष नया अभ्यावेदन 15 दिन के भीतर दाखिल करें।
इस पर आयुक्त एक माह की अवधि के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लेंगे। इस आदेश का पालन नहीं होने पर याची ने अवमानना का वाद दाखिल किया है।
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