राज्य सरकार से छः हफ्ते में दिया जवाब दाखिल करने का आदेश
आगरा /प्रयागराज 19 नवंबर ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुजफ्फरनगर जिला जेल में कैदी की खुदकुशी मामले में हेड जेल वार्डन कैलाश मीणा से वसूली पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार को छह हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 20 जनवरी 2025 को होगी।
मुजफ्फरनगर जिला जेल के बैरक नंबर 9-10 में कैदी अंकुर पुत्र वीरेंद्र ने 2019 में खुदकुशी कर ली थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए चार लाख रुपये मुआवजा देने की सिफारिश की थी।

जांच के बाद अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ने कैलाश मीणा को किसी भी लापरवाही के लिए दोषी नहीं पाया था।
बावजूद इसके मेरठ जिला जेल के अधीक्षक ने 24 अक्टूबर 2024 को कैलाश मीणा से मुआवजे की वसूली का आदेश जारी कर दिया। हेड जेल वार्डन कैलाश मीणा ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्रा की दलीलें सुनने के बाद जेल अधीक्षक के आदेश पर रोक लगा दी।
कोर्ट ने कहा कि मामले में सभी पक्षों की बात सुने बिना कोई निर्णय लेना उचित नहीं होगा।
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