आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम, आगरा ने ई-स्कूटी की बैटरी वारंटी अवधि में खराब होने के बावजूद उसे न बदलने को सेवा में कमी माना है।
आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने ई-स्कूटी डीलर भाग्य ई-व्हीकल्स और निर्माता कंपनी ग्रीन फॉक्स ई-मोबिलिटी को 45 दिन के भीतर नई बैटरी लगाकर देने तथा आवश्यक मरम्मत करने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही उपभोक्ता को मानसिक उत्पीड़न के लिए 5,000/- रुपये और वाद व्यय के लिए 5,000/- रुपये (कुल 10,000/- रुपये) का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया गया है।
यह मामला न्यू आगरा निवासी विकास गुप्ता से जुड़ा है, जिन्होंने 15 फरवरी 2024 को 46,000/- रुपये में भाग्य ई-व्हीकल्स से एक ई-स्कूटी खरीदी थी।

इस पर एक वर्ष की वारंटी दी गई थी। कुछ समय बाद ही स्कूटी की 5 बैटरियों में खराबी आ गई, जिसके बाद उपभोक्ता ने डीलर से संपर्क किया, लेकिन डीलर टालमटोल करता रहा और 10 नवंबर 2024 को बैटरी बदलने से साफ इंकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान डीलर ने तर्क दिया कि बैटरियां चीन से आयातित थीं और उन पर कोई वारंटी नहीं थी।
हालांकि, आयोग ने निर्माता कंपनी के वारंटी कार्ड के आधार पर पाया कि बैटरियों पर एक वर्ष की वारंटी थी।
आयोग ने माना कि वारंटी अवधि (9 महीने) के भीतर बैटरी खराब होने पर उसे बदलकर नई बैटरी प्रदान न करना अनुचित व्यापार संव्यवहार और सेवा में कमी है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि 45 दिन के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो डीलर और निर्माता को बैटरी के बाजार मूल्य के साथ 10,000/- रुपये की जुर्माना राशि पर 10 नवंबर 2024 से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।
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