आगरा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम ने मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ग्राहक के पक्ष में आदेश पारित किया है।
यह निर्णय आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह द्वारा 3 जुलाई 2026 को सुनाया गया।
मामले के अनुसार, फाउंड्री नगर, आगरा निवासी रविकान्त तिवारी ने मणप्पुरम फाइनेंस की कमलानगर शाखा से वर्ष 2020 में 57.487 ग्राम सोने के आभूषण गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया था।
परिवादी ने जब 3 अक्टूबर 2022 को अपना सोना वापस मांगा, तो शाखा ने बताया कि 17 जुलाई 2021 को वहां डकैती हो गई थी और सारा सोना चोरी चला गया है।
बीमा क्लेम मिलने के आश्वासन के बावजूद, फाइनेंस कंपनी ने ग्राहक को उसके आभूषणों का मूल्य नहीं लौटाया, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया।
आयोग ने मणप्पुरम फाइनेंस के इस तर्क को खारिज कर दिया कि परिवाद समय सीमा के बाहर प्रस्तुत किया गया था, क्योंकि परिवादी लगातार कंपनी के संपर्क में था।
फोरम ने स्पष्ट रूप से माना कि ग्राहक के क्लेम का निपटारा न करना फाइनेंस कंपनी द्वारा सेवा में कमी और अनुचित व्यापार संव्यवहार को दर्शाता है।

उपभोक्ता आयोग ने फाइनेंस कंपनी को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
* मणप्पुरम फाइनेंस ग्राहक को लूट के दिन (17 जुलाई 2021) के बाजार भाव के अनुसार 22 कैरट सोने का कुल मूल्य 2,72,143/- रुपये अदा करे।
* इस देय राशि पर 17 जुलाई 2021 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज का भुगतान किया जाए।
* मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति के लिए 50,000/- रुपये और वाद-व्यय के लिए 10,000/- रुपये का मुआवजा अलग से दिया जाए।
* आदेश का पूर्ण अनुपालन 45 दिन के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
* यदि कंपनी 45 दिन के अंदर भुगतान करने में विफल रहती है, तो ब्याज की दर 9 प्रतिशत के स्थान पर 12 प्रतिशत वार्षिक हो जाएगी।
* फाइनेंस कंपनी 16 जुलाई 2021 तक के किसी भी बकाया मूलधन और ब्याज की कटौती इस देय राशि में से कर सकती है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम का मणप्पुरम फाइनेंस को आदेश: लूटे गए सोने के बदले ग्राहक को दें बाजार मूल्य और मुआवजा - July 8, 2026
- चेक डिशऑनर के आरोप में जूता कारोबारी को अदालत ने किया तलब, 28 जुलाई को होगी पेशी - July 6, 2026
- गवाही देने न आने पर अदालत सख्त, उपनिरीक्षक का वेतन रोकने का आदेश - July 6, 2026




