वादी ने चार के विरुद्ध दर्ज कराया था मुकदमा
पत्नी ने बयान दिये एक ने किया था दुराचार
अन्य आरोपी तीन दरवाजें पर खड़े रहे
चिकित्सीय परीक्षण में भी नहीं हुई दुराचार की पुष्टि
आगरा 11 सितंबर।
घर में घुस दुराचार एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपित विष्णु उर्फ विनय पुत्र चंद्रभान, निवासी कुमपुरा थाना निबोहरा, जिला आगरा को सबूत के अभाव में अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट माननीय मदन मोहन ने बरी करने के आदेश दिये।
थाना निबोहरा मे दर्ज मामले के अनुसार वादी मुकदमा ने पुलिस उप महानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र दें, आरोप लगाया कि 12 दिसम्बर 2010 की सुबह 11 बजे करीब वह खेत पर था। घर पर उसकीं मां एवं पत्नी मौजूद थीं।
Also Read - चौथ मांगनें, मारपीट एवं अन्य आरोप में जमानत स्वीकृतउसी दौरान आरोपी महावीर, प्रेम शंकर, विष्णु एवं सुरेंद्र वादी के घर में घुस आये, हथियारो के बल पर आरोपियो ने वादी की पत्नी को भयभीत कर बारी बारी से उसके साथ दुराचार किया।
वादी की मां के विरोध पर उसे धक्का देकर गिरा दिया। वादी की मां ने खेत पर आ वादी को सूचना दी । आरोपी जान से मारने की धमकी दे भाग गये।
थाने जाने पर पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। 10 दिसम्बर 2010 को भी आरोपियों द्वारा वादी से मारपीट की गई थी उसकी भी रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज नहीं की थी।
वादी के प्रार्थना पत्र पर चारों आरोपियों के विरुद्ध घर में घुस दुराचार एवं जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस ने वादी की पत्नी के बयान के आधार पर मात्र आरोपी विष्णु के विरुद्ध ही आरोप पत्र अदालत में प्रेषित किया । वादी की पत्नी ने पुलिस को बयान दिये थे कि आरोपी विष्णु ने उसके साथ दुराचार किया अन्य तीन आरोपी इस दौरान दरवाजे पर खड़ें रहे।
Also Read - दुराचार प्रयास एवं पॉक्सो एक्ट के आरोपी को तीन वर्ष कैदअभियोजन की तरफ से वादी मुकदमा, पीड़िता, उसकी सास सहित 7 गवाह अदालत में पेश किये गए।
चिकित्सीय परीक्षण से आरोपी के विरुद्ध दुराचार की पुष्टि नहीं होने एवं आरोपी के अधिवक्ता अशोक कुमार कुशवाह के तर्क पर अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट माननीय मदन मोहन ने आरोपी को सबूत के अभाव में बरी करने के आदेश दिये ।
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