आगरा।
चैक अनादृत (बाउंस) होने के एक मामले में अतिरिक्त न्यायालय संख्या 1 के पीठासीन अधिकारी माननीय राज बहादुर सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है।
अदालत ने दोषी को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 20 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में सजा पाने वाले आरोपी का नाम प्रमोद कुमार है, जो थाना सदर क्षेत्र की अग्रवाल कालोनी (सेवला जाट) का निवासी है।
मामले के अनुसार, थाना ताजगंज क्षेत्र के पंच गाई खेड़ा निवासी वादी शिव सिंह ने आरोप लगाया था कि 11 मई 2012 को आरोपी प्रमोद कुमार और अन्य लोगों ने उनकी कृषि भूमि का सौदा 50 लाख रुपए में तय किया था।
इस सौदे के तहत पांच लाख रुपए पेशगी के रूप में दिए गए थे और शेष धनराशि बैनामे (रजिस्ट्री) के समय देने का वादा किया गया था।
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इसी भुगतान के क्रम में आरोपी द्वारा 13 लाख 33 हजार रुपए का एक चैक दिया गया था, जिसे वादी ने जब अपनी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की रोहता शाखा में जमा किया, तो वह अनादृत हो गया।
मामले की सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ताओं जय दयाल गौतम और जितेंद्र मिश्रा ने अदालत के समक्ष प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी प्रमोद कुमार को चेक बाउंस के मामले में दोषी पाया और एक वर्ष की कैद तथा 20 लाख रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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