आगरा।
मारपीट और जानलेवा हमला कर घातक चोट पहुंचाने के एक मामले में अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
वादी मुकदमा और मुख्य गवाहों के अपने बयानों से मुकर जाने के कारण अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 8 माननीय कन्हैया जी ने साक्ष्य के अभाव में यह फैसला सुनाया।
एतमाद्दौला थाने में दर्ज मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि 1 दिसंबर 2022 को वह अपने पड़ोसी बृजेश शर्मा के घर एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे।
वहां जितेंद्र कुमार शर्मा, अंशुल मलिक, धर्मपाल सिंह, सचिन यादव, शिवेंद्र कुमार और योगेंद्र सिंह नशे की हालत में हवाई फायरिंग कर रहे थे।
जब धर्मवीर सिंह ने इसका विरोध किया, तो खुद को एक सीएमएस कंपनी का अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने लाठी, डंडे और फरसे से उन पर हमला कर दिया।
इस घटना में धर्मवीर सिंह और बीच-बचाव करने आए पंकज द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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अदालत में मुकदमे की सुनवाई और विचारण के दौरान मामला उस समय पलट गया जब वादी मुकदमा धर्मवीर सिंह और घायल गवाह पंकज द्विवेदी अपनी गवाही से मुकर गए। उन्होंने अदालत में अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता वरुण कुमार शर्मा ने अदालत के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए कि गवाहों के मुकर जाने के बाद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं बचा है।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद माना कि संदेह से परे आरोप साबित करने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सामग्री नहीं है। इसके चलते अदालत ने सभी छह आरोपियों को आरोपों से बरी करने का आदेश जारी कर दिया।
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