आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने के मामले में जेल में बंद आठ आरोपियों को बड़ी राहत प्रदान की है।
न्यायालय ने इन सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया है।
यह आदेश जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला और जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की अलग-अलग पीठ द्वारा पारित किया गया।
जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने पांच आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई की, जबकि जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने तीन अन्य आरोपियों की जमानत मंजूर की।
अदालत ने यह निर्णय आरोपियों द्वारा अपने शपथ पत्र (एफिडेविट) में स्वेच्छा से माफी मांगे जाने के आधार पर लिया है।

इससे पूर्व, वाराणसी की स्थानीय अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी।
विदित हो कि पुलिस ने इस चर्चित प्रकरण में कुल 14 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था।
हाईकोर्ट के इस हालिया फैसले के बावजूद, मामले के छह अन्य आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है और वे अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस ने इस मामले में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की थी।
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