आगरा:
जनपद की स्थानीय अदालत ने फ्लिपकार्ट डिलीवरी हब में हुई बड़ी चोरी के मामले में नामजद आरोपी को राहत प्रदान की है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-21) माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी आस मोहम्मद की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली और उसे जेल से रिहा करने के आदेश जारी किए।
मामले की पृष्ठभूमि:
वादी हिमांशु गुप्ता द्वारा थाना ताजगंज में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 11 फरवरी 2026 की रात अज्ञात चोरों ने फ्लिपकार्ट हब का ताला काटकर वारदात को अंजाम दिया था।
चोरों ने वहां रखे:
* दो डॉक्यूमेंट लॉकर

* एक कैश लॉकर
* कीमती मोबाइल फोन और अन्य सामान चोरी कर लिया था।
गिरफ्तारी और बरामदगी:
पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी आस मोहम्मद (निवासी मुंडाली, मेरठ/भोजपुर, गाजियाबाद) को अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया था।
पुलिस का दावा था कि आरोपियों के पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी और 2.70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे।
न्यायालय का तर्क और निर्णय:
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ब्रजेश कुमार ने कोर्ट में दलील दी कि पुलिस द्वारा दिखाई गई बरामदगी संदिग्ध है।
न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर गौर किया:
* स्वतंत्र गवाहों का अभाव: बरामदगी के वक्त मौके पर कोई भी स्वतंत्र (Public Witness) गवाह मौजूद नहीं था।
* अधिवक्ता के तर्क: बचाव पक्ष के तर्कों को न्यायोचित पाते हुए कोर्ट ने आरोपी को जमानत का लाभ दिया।
कोर्ट का आदेश: साक्ष्यों की कमी और कानूनी पहलुओं को देखते हुए एडीजे माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी आस मोहम्मद को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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