आगरा:
अदालत के आदेशों की बार-बार अनदेखी करना एक महिला कॉन्स्टेबल को भारी पड़ गया है।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) माननीय सोनिका चौधरी ने सख्त रुख अपनाते हुए अछनेरा सीओ पेशी में तैनात महिला कॉन्स्टेबल मीनाक्षी पंवार का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।
क्या है मामला ?
यह मामला थाना पिनाहट से संबंधित ‘राज्य बनाम अलबाज आदि’ के बीच चल रहे सामूहिक दुराचार और पॉक्सो एक्ट के मुकदमे से जुड़ा है। इस गंभीर मामले में न्यायालय में सुनवाई चल रही है, जहाँ साक्ष्यों और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
कोर्ट की सख्ती के कारण:
अदालत द्वारा वेतन रोकने का कड़ा कदम निम्नलिखित कारणों से उठाया गया:
* एकमात्र लंबित गवाह: मामले में अन्य सभी महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही दर्ज हो चुकी है। केवल मीनाक्षी पंवार की गवाही शेष है, जिसके कारण मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
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* अदालती आदेशों की अवहेलना: कोर्ट ने इससे पहले भी मीनाक्षी पंवार के खिलाफ कई प्रतिकूल आदेश पारित किए थे, लेकिन वे गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुईं।
* न्यायिक प्रक्रिया में देरी: गवाह के हाजिर न होने से न्यायिक कार्यवाही बाधित हो रही थी।
पुलिस आयुक्त को दिए निर्देश:
विशेष न्यायाधीश माननीय सोनिका चौधरी ने पुलिस आयुक्त, आगरा को निर्देशित किया है कि जब तक महिला कॉन्स्टेबल अदालत में उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज नहीं करातीं, तब तक उनका वेतन रोक दिया जाए।
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