आगरा: २९ जुलाई ।
एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-14) माननीय ज्योत्सना सिंह ने एक महिला की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर की गई निर्मम हत्या के मामले में उसके पुलिसकर्मी पति, सास, भाभी और दो ननदों को मुकदमे की सुनवाई के लिए अदालत में तलब करने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में पहले केवल मृतका के ससुर के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किया था।
मामला वादी धर्मवीर सिंह की बेटी श्रीमती प्रियंका से जुड़ा है, जिनकी शादी 9 मार्च, 2015 को पन्ना लाल उर्फ गौरव पुत्र रघुवीर सिंह से हुई थी। शिकायत के अनुसार, ससुराल वालों का प्रियंका के प्रति व्यवहार ठीक नहीं था।
इसके बावजूद, प्रियंका ने कड़ी मेहनत कर सिलाई-कढ़ाई से पैसे जुटाए और अपने पति पन्ना लाल उर्फ गौरव को कोचिंग दिलाई, जिससे उसे पुलिस में नौकरी मिल गई।
यह खुलासा हुआ है कि दो बेटियों का पिता और विवाहित होने के बावजूद, गौरव ने पुलिस की नौकरी में खुद को अविवाहित दर्शाया था।वादी की दूसरी बेटी संगीता की शादी भी उसी दिन 9 मार्च, 2015 को गौरव के भाई सौरभ से एक ही मंडप में हुई थी।
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शादी के छह महीने बाद ही संगीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद सौरभ ने धर्मवती नामक महिला से दूसरा विवाह कर लिया। सौरभ की मृत्यु के बाद, पुलिसकर्मी गौरव के अवैध संबंध अपनी भाभी धर्मवती से हो गए थे। प्रियंका द्वारा कई बार आपत्तिजनक स्थिति में देखे जाने पर उसने विरोध भी किया था।
27 जून, 2023 को यह दुखद घटना घटी, जब प्रियंका खाना बना रही थी। आरोप है कि उसके ससुर रघुवीर सिंह, पति पन्नालाल उर्फ गौरव, सास श्रीमती राजन देवी, भाभी धर्मवती, ननद सोनिया और सुलेखा ने मिलकर प्रियंका की कुल्हाड़ी से गर्दन काट दी और सिर धड़ से अलग कर निर्ममतापूर्वक उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने वादी की तहरीर पर इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अदालत में केवल ससुर रघुवीर सिंह के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
वादी धर्मवीर सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसके बाद अदालत ने आरोपी पति, सास, भाभी और दोनों ननदों को भी मुकदमे के विचारण के लिए अदालत में तलब करने का आदेश दिया है।
इस फैसले से न्याय की उम्मीद जगी है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को सजा मिल सकेगी।
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