आगरा ।
बिना वैध लाइसेंस के दवा विक्रय करने और अधोमानक दवाएं रखने के 14 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है।
विशेष न्यायाधीश (ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट) माननीय राजीव कुमार पालीवाल की अदालत ने अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास तथा एक लाख दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन औषधि निरीक्षक पूरण सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर 12 जुलाई 2011 को सर्वेश ड्रग स्टोर पर छापा मारा था।
निरीक्षण के दौरान मोहल्ला कोटला, थाना दक्षिण निवासी दिनेश कुमार पुत्र रामनाथ मौके पर दवा बेचते पाए गए थे। औषधि निरीक्षक द्वारा वैध विक्रय लाइसेंस मांगने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
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इसके अतिरिक्त अभियुक्त दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित बिल भी नहीं दिखा पाए थे। जांच दल ने मौके से भारी मात्रा में अधोमानक दवाएं बरामद की थीं।
औषधि निरीक्षक की तहरीर पर थाना दक्षिण पुलिस ने आरोपी दिनेश कुमार के विरुद्ध धोखाधड़ी तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया था। विवेचना पूर्ण होने के उपरांत पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अदालत में विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एस.पी. सिन्हा के तर्कों का संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने अभियुक्त दिनेश कुमार को दोषी माना और उसे तीन वर्ष की कैद सहित एक लाख दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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