आगरा 08 नवंबर ।
योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट के केस संख्या-197/2024, श्री भगवान श्री तेजोमहादेव@तेजोलिंग महादेव आदि बनाम सचिव, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार आदि की सुनवाई अतिरिक्त सिविल जज (जू०डि०) के न्यायालय में हुई।
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि तेजोमहादेव केस की सुनवाई पूर्व में माननीय सिविल जज(जू०डि०)-6 माननीय शिखा सिंह ने न्यायालय में चल रही थी, केस का स्थानांतरण अब अतिरिक्त सिविल जज(जू०डि०) माननीय न्यायाधीश नज़मा गोमला के न्यायालय में हो गया है।
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उन्होने बताया कि केस में विपक्षी संख्या-1 सचिव संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, विपक्षी संख्या -2 महानिदेशक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, विपक्षी संख्या-3 अधीक्षक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग व विपक्षी संख्या-4 महानिदेशक, पर्यटन निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार है ।
सभी विपक्षीगण लोक सेवक है, जिनके पदीय हैसियत में किये गए कार्यों के कारण वाद संपत्ति तेजोमहालय को हुई हानि में भारत संघ और उत्तर प्रदेश राज्य की जिम्मेदारी तय करने हेतु आज माननीय न्यायालय में भारत संघ व उत्तर प्रदेश राज्य को केस में विपक्षी बनाने के लिए धारा 80(1) सिविल प्रकिया संहिता की कार्यवाही से छूट प्रदान करने के लिए धारा 80(2) सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र दिया।
वादी अधिवक्ता ने बताया कि भारत संघ व उत्तर प्रदेश राज्य को केस में विपक्षी बनाने के लिए नोटिस की समय सीमा 60 दिन होती है जिससे छूट देने के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया है।
माननीय न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 12 दिसम्बर नियत की है।
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