आगरा ।
पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में विवेचक (इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर) के बार-बार अदालत में हाजिर न होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोकने का आदेश दिया है।
यह मामला वर्ष 2021 में अछनेरा थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और धमकी देने का आरोप है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में राज्य बनाम भूपाल उर्फ भूपेंद्र का यह मुकदमा विवेचक की गवाही के लिए लंबे समय से लंबित है।
मामले के विवेचक उदय वीर सिंह, जो वर्तमान में फिरोजाबाद में मॉनिटरिंग सेल में तैनात हैं, के अलावा सभी गवाहों की गवाही दर्ज की जा चुकी है।
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अदालत ने विवेचक की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कई आदेश जारी किए, लेकिन फिर भी वे महज एक घंटे की दूरी पर होने के बावजूद गवाही देने के लिए पेश नहीं हुए।
यह मामला इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि इसकी निगरानी उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी की जा रही है।
विवेचक के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अगले आदेश तक उदय वीर सिंह का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
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