13 साल पुराने मामले में गवाही न देने पर अदालत ने की पुलिस उप निरीक्षक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और 82 CrPC की कार्यवाही

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आगरा:

वर्ष 2012 के एक आपराधिक मुकदमे में गवाही के लिए लगातार अदालत में पेश न होने पर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-13) माननीय महेश चंद वर्मा ने एक उप निरीक्षक (Sub-Inspector) के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।

गवाह उप निरीक्षक के विरुद्ध वारंट:

अदालत ने उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट और फरारी की उद्घोषणा (Proclamation under Section 82 CrPC) जारी करने का आदेश दिया है।

यह कार्रवाई तब की गई जब उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह, जो वर्ष 2012 में थाना इरादत नगर में दर्ज अपराध संख्या 356/2012 के मुकदमे में एक महत्वपूर्ण गवाह हैं, अदालत द्वारा पारित अनेक प्रतिकूल आदेशों के बावजूद गवाही के लिए हाजिर नहीं हुए।

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यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 151, 323, 336, 504, और 506 के तहत दर्ज है और उप निरीक्षक की गवाही के लिए लंबित है।

थानाध्यक्ष को निर्देश:

ADJ-13 माननीय महेश चंद वर्मा ने थानाध्यक्ष (SHO) इरादत नगर को निर्देशित किया है कि वे तत्काल उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट और फरारी की उद्घोषणा के आदेश का पालन कराएँ।

थानाध्यक्ष को आदेश दिया गया है कि वे उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार करें और उन्हें नियत दिनांक 3 जनवरी को अदालत में हर हाल में पेश करना सुनिश्चित करें।

न्यायालय का यह सख्त रुख लंबित मामलों के निपटारे में गवाहों, विशेषकर पुलिस अधिकारियों, की उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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विवेक कुमार जैन
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