आगरा:
गोली मारकर हत्या के प्रयास के एक मामले में, आगरा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-17) माननीय नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने आरोपी सुरेंद्र पुत्र जगन्नाथ, निवासी करोधना कलां, थाना इरादत नगर, जिला आगरा को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और ₹50,000/- के अर्थदंड (जुर्माने) से दंडित किया है।
मामले का विवरण:
थाना इरादत नगर में दर्ज इस मामले की शिकायत वादी मुकदमा साहब सिंह ने की थी। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, 8 जुलाई 2021 की शाम करीब 7:30 बजे, हरी ओम और राजवीर (पुत्रगण हाकिम सिंह, निवासी करोधना कलां) के बीच पानी को लेकर विवाद हुआ था।
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विवाद के बाद, गाँव के सुरेंद्र और अन्य आरोपियों ने हरीओम का पक्ष लेते हुए राजवीर के घर पर जाकर गाली-गलौज की। जब राजवीर ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी, डंडा, सरिया और तमंचे से लैस होकर उन पर हमला कर दिया।
इस हमले में राजवीर, उनकी पत्नी गीता देवी, और पुत्र जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप था कि मुख्य आरोपी सुरेंद्र ने वादी के पुत्र शिव शंकर को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अदालत का फैसला:
एडीजे-17 माननीय नितिन कुमार ठाकुर ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) सत्य प्रकाश सिंह धाकड़ के तर्कों पर विचार किया। अदालत ने आरोपी सुरेंद्र को दोषी मानते हुए सात वर्ष कैद और ₹50,000/- के अर्थदंड की सज़ा सुनाई।
अन्य आरोपी बरी:
हालांकि, अदालत ने इस मामले के अन्य आरोपितों बंटी, भोले, कप्तान, सुंदर और चंद्रपाल को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया।
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