आगरा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी सहित सात अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग वाली याचिका को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया है।
यह मामला अधिवक्ता कृष्ण गोपाल से जुड़ा है, जिन्होंने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
उनकी याचिका में कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, कुलसचिव अजय मिश्रा, उप कुलसचिव कैलाश बिंद, अरविंद गुप्ता, गवेन्द्र प्रताप सिंह, श्री लोकमणि शर्मा महाविद्यालय के प्रबंधक योगेश कुमार शर्मा और अध्यक्ष हेमलता शर्मा को आरोपी बनाया गया था।
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कृष्ण गोपाल ने आरोप लगाया था कि उक्त कॉलेज को बी.ए. और बी.एस.सी. पाठ्यक्रमों के लिए गलत तरीके से मान्यता दी गई थी।
उनका कहना था कि शिकायत के बावजूद, साल 2025-26 के लिए भी कॉलेज की मान्यता को नवीनीकृत (renew) कर दिया गया।
हालांकि, विपक्षी के वकील हिम्मत सिंह राजपूत ने दलील दी कि यह प्रार्थना पत्र सीआरपीसी की धारा 197 और बीएनएस की धारा 218 के तहत विचारणीय नहीं है।
इन तर्कों से सहमत होकर, सीजेएम ने प्रार्थना पत्र को खारिज करने का आदेश दिया।
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