आगरा:
व्यावसायिक लेनदेन में धोखाधड़ी और चेक बाउंस होने के एक मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM-7) माननीय अनुज कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है।
अदालत ने राजस्थान के बांदीकुई स्थित सब्जी मंडी के व्यापारी सुंदर लाल सैनी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कोर्ट में तलब करने के आदेश जारी किए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह मामला आगरा की एक महिला व्यवसायी से जुड़ा है। ओम ट्रेडर्स (नवीन सब्जी मंडी, सिकंदरा) की प्रोपराइटर श्रीमती ममता सिंघल ने अपने अधिवक्ता राजेश यादव के माध्यम से न्यायालय में वाद दायर किया था।
* लेनदेन का विवरण: विपक्षी फर्म ‘मैसर्स सुंदर लाल बनवारी लाल वेजिटेबल स्टोर’ के संचालक सुंदर लाल सैनी ने वादिनी से 5 लाख 12 हजार रुपये का आलू उधार खरीदा था।
* चेक हुआ बाउंस: उधारी चुकाने के लिए आरोपी ने वादिनी को उक्त धनराशि का चेक दिया। जब ममता सिंघल ने भुगतान के लिए चेक बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह ‘डिसऑनर’ (बाउंस) हो गया।
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* कानूनी नोटिस की अनदेखी: चेक बाउंस होने के बाद भी जब आरोपी ने भुगतान नहीं किया, तो वादिनी को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
न्यायालय का आदेश:
वादिनी के अधिवक्ता राजेश यादव के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए एसीजेएम-7 माननीय अनुज कुमार सिंह ने आरोपी सुंदर लाल सैनी के विरुद्ध समन जारी कर उसे अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
कानूनी नोट: चेक बाउंस का मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें आरोपी को जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
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