आगरा ८ मई ।
अदालत में फर्जी जमानत दाखिल करने वाले चार आरोपियो के विरुद्ध एसीजेएम 6 माननीय आतिफ सिद्दकी ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थानाध्यक्ष न्यू आगरा को दिये है ।
मामले के अनुसार वादी मुकदमा प्रमोद कुमार ने अपने अधिवक्ता संदीप कुमार के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि लाखन, प्रमोद, नारायण एवं अंकित का संगठित गिरोह है।
ये लोग आये दिन अदालतों में फर्जी कागजात एवं फर्जी नामों से लोगों की जमानत देते है।संगीन धाराओं के आरोपी इन का सहारा ले जमानत प्राप्ति के उपरांत फरार हो जाते है।
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जिनका सुराग लगाना भी संभव नही हो पाता। विरोध करने पर गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते है। लाखन ने दो आधार कार्ड बनवा रखे है । एक लाखन पुत्र रोशन के नाम से, दूसरा राम भरोसी पुत्र सामंता के नाम से बनवा रखा है।
दोनों में पता, जन्म तिथि एवं फोटो एक ही है। जबकि रामभरोसी पुत्र सामंता की 6 फरवरी 2012 में मृत्यु हो चुकी है।
अदालत ने वादी के प्रार्थना पत्र को स्वीकृत कर थानाध्यक्ष न्यू आगरा को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिये।
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