आगरा:
सपनों का घर दिलाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर्स पर अब कानून का शिकंजा कस गया है।
सीजेएम आगरा माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव की अदालत ने मेसर्स तुलसी इंफ्रा हाइट प्रा. लिमिटेड के पार्टनर्स के विरुद्ध धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
अदालत ने थानाध्यक्ष हरीपर्वत को मामले की गहन विवेचना के निर्देश दिए हैं।
जानिये क्या है पूरा मामला ?
प्रताप नगर निवासी गुरुदास बाधवानी ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार शर्मा के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र (156/3) प्रस्तुत किया था।
मामले के मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:
* बुकिंग और भुगतान: वादी ने वर्ष 2016 में संजय प्लेस स्थित मेसर्स तुलसी इंफ्रा हाइट के ऑफिस के माध्यम से ‘श्री तुलसी गोकुलम सिटी फेज-2’ में एक फ्लैट बुक कराया था।
* एलॉटमेंट: फर्म के पार्टनर राजकुमार अग्रवाल और मनोज कुमार अग्रवाल ने वादी को फ्लैट संख्या 402 (क्षेत्रफल 2050 वर्ग फीट) आवंटित किया और एलॉटमेंट लेटर जारी किया।
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* वायदा खिलाफी: फ्लैट की कुल कीमत 69 लाख 70 हजार रुपये वादी द्वारा चुका दी गई। बिल्डर्स ने वर्ष 2018 में कब्जा देने का वादा किया था।
* धमकी और अभद्रता: आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद भी न तो फ्लैट की सेल डीड (रजिस्ट्री) की गई और न ही कब्जा दिया गया। जब वादी ने अपना हक मांगा, तो उसे ऑफिस बुलाकर अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
न्यायालय का कड़ा रुख:
वादी के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद, सीजेएम माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे संज्ञेय अपराध माना।
कोर्ट ने थाना हरीपर्वत को आदेश दिया है कि उक्त बिल्डर्स के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
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