आगरा।
एक यूट्यूबर और उसकी पत्नी के साथ मारपीट, अभद्रता और एक करोड़ रुपये की चौथ (रंगदारी) मांगने के गंभीर आरोपों में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम माननीय शिवानंद गुप्ता ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष जगदीशपुरा को सात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार, केदार नगर, शाहगंज निवासी सुशील कुमार चावलानी ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता के.के. शर्मा और विजयकांत शर्मा के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि वह एक यूट्यूबर है और केदार नगर निवासी भीमसेन सचदेवा उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर अवैध धन की मांग करता था।
इससे पूर्व भी विपक्षी ने पीड़ित के विरुद्ध भ्रामक आधार पर मुकदमा दर्ज कराया था, जिस पर उच्च न्यायालय ने पीड़ित की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि 6 फरवरी 2026 को विपक्षी ने फोन कर पीड़ित को बहाने से मारुति स्टेट बुलाया, जहां पहले से मौजूद विपक्षी और उसके साथियों ने मारपीट कर पीड़ित की जेब से दो लाख रुपये निकाल लिए।
आरोपियों ने पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि वह यूट्यूबर के रूप में बहुत कमाई करता है, इसलिए उसे एक करोड़ रुपये देने होंगे अन्यथा उसे आगरा में रहने नहीं दिया जाएगा।
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अगले दिन 7 फरवरी 2026 को वार्ता के बहाने भीमसेन सचदेवा, उसकी पत्नी अंजू सचदेवा, पुत्र सुमित सचदेवा सहित नानक राम, मनोज वाधवानी, भूमि वाधवानी और विक्की उर्फ विकेश कुमार ने पीड़ित के घर में घुसकर गाली-गलौज की और पीड़ित व उसकी पत्नी के साथ मारपीट की।
अदालत ने पीड़ित के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
न्यायालय के इस आदेश के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
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