इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द किया धारा 111 का नोटिस
आगरा /प्रयागराज 13 सितंबर ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसडीएम सदर बांदा द्वारा शांति भंग की आशंका की पुलिस रिपोर्ट पर याची के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 111 के जारी नोटिस को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है और कहा है कि मजिस्ट्रेट ने न्यायिक तौर पर कार्रवाई नहीं की।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा ने अधिवक्ता चंद्रभान सिंह की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
Also Read - कृषि भूमि के भविष्य में कामर्शियल मूल्य के आधार पर स्टाम्प कमी की वसूली कार्यवाही रद्दमामले के अनुसार शिव मंदिर की जमीन बंटवारे को लेकर हुए कथित विवाद पर तेंदुवारी थाना इंचार्ज ने शांति भंग होने की आशंका की रिपोर्ट भेजी थी ।
एसडीएम ने 21फरवरी 24 को याची को नोटिस जारी करते हुए कारण बताने का आदेश दिया कि क्यों न अच्छे व्यवहार व आचरण के लिए 50 हजार रूपए का पर्सनल बांड व दो प्रतिभूति जमा कराई जाय ?
याची ने धारा 111 के नोटिस की वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची ने कहा कि नोटिस में पुलिस रिपोर्ट का विवरण नहीं है और पूरे तथ्य नहीं है।
मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी करते समय पुलिस रिपोर्ट पर अपनी संतुष्टि दर्ज नहीं की है इस प्रकार धारा 111 की शर्तों का पालन नहीं किया गया है।
Also Read - दिल्ली हाईकोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग की झूठी गवाही का आरोप लगाने वाली याचिका पर पूजा खेडकर से जवाब मांगाहाईकोर्ट ने खुद मजिस्ट्रेट के आदेश का परीक्षण किया और पाया कि नोटिस में शांति भंग की आशंका लिखा है, किंतु कोई कारण नहीं दिया गया है।
मजिस्ट्रेट ने धारा 111 का आदेश जारी करने के लिए अपनी संतुष्टि दर्ज नहीं की है। मजिस्ट्रेट ने न्यायिक तरीके से कार्य नहीं किया है।इस कारण नोटिस को अवैध मानते हुए रद्द किया जाता है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगाई रोक - October 2, 2026
- बालिग को जीवनसाथी चुनने और अपनी पसंद से रहने का मौलिक अधिकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट - October 2, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन पर एकल पीठ की टिप्पणी: 10 वर्षों में सिर्फ 16 फुल कोर्ट बैठकें, जजों की राय दर्ज न होने पर जताई चिंता - October 2, 2026




