आगरा।
चेक डिसऑनर (बाउंस) के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम माननीय दीक्षा भारती ने महाराष्ट्र के अकोला निवासी व्यापारी सुमित खनेजा को मुकदमे के विचारण हेतु अदालत में तलब करने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
मामले के अनुसार, ‘एवरी शूज’ के प्रोपराइटर मनोज सरीन ने अपने अधिवक्ता अनिल अग्रवाल के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया था।
वादी का आरोप है कि अकोला (महाराष्ट्र) के व्यापारी सुमित खनेजा ने उनसे व्यापारिक संबंध के तहत जूते खरीदे थे।
Also Read – आगरा की अदालत ने दुराचार व पाक्सो एक्ट का आरोपी किया दोषमुक्त: अभियोजन पक्ष नाबालिग सिद्ध करने में रहा विफल

भुगतान में देरी और चेक बाउंस:
आरोप है कि माल की आपूर्ति होने के बावजूद आरोपी ने लंबे समय तक भुगतान नहीं किया। वादी द्वारा लगातार तगादा किए जाने पर आरोपी ने भुगतान के लिए एक चेक दिया था।
जब वादी ने उक्त चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह डिसऑनर (बाउंस) हो गया।
न्यायालय की कार्यवाही:
वादी के अधिवक्ता अनिल अग्रवाल ने अदालत में प्रभावी तर्क पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने साक्ष्यों पर संज्ञान लेते हुए आरोपी सुमित खनेजा को विचारण के लिए समन जारी कर तलब किया है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin

- हर्ष फायरिंग में मौत: आगरा की अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के दोषी को सुनाई 7 वर्ष की कैद - March 21, 2026
- आगरा: कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे दरोगा, पाक्सो कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को वेतन रोकने के दिए आदेश - March 21, 2026
- दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने ‘थिनर और रेड्यूसर’ को आवश्यक वस्तु मानने से किया इंकार , आरोपी को 15 साल बाद मिली राहत - March 20, 2026







