आगरा:
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-8 माननीय कन्हैय्या जी ने चैक डिसऑनर के एक मामले में आरोपी अनूप सिंह चाहर पुत्र सुरेश सिंह चाहर (निवासी केवी नगर, अर्जुन नगर) को मुकदमे के विचारण (ट्रायल) के लिए सम्मन जारी करने का निर्देश दिया है।
हालांकि, अदालत ने सम्मन में यह स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी अब भी ₹18,57,600/- की राशि अदालत में जमा कर देता है, तो उसके विरुद्ध मुकदमे का विचारण नहीं चलेगा।
क्या है मामला ?
मामले के अनुसार, वादी मुकदमा थान सिंह पुत्र काशी राम (निवासी देवरी का नगला, थाना ताजगंज) ने अपने अधिवक्ता राजेश कुशवाह के माध्यम से अदालत में एक परिवाद दायर किया था।

वादी ने आरोप लगाया कि आरोपी अनूप सिंह चाहर ने उनसे ₹1,02,28,700/- में खेत खरीदने का सौदा किया था। इस सौदे के तहत, आरोपी ने वादी को ₹18,57,600/- का एक चैक दिया।
* चैक डिसऑनर: जब वादी ने उक्त चैक को बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह डिसऑनर हो गया।
* कानूनी नोटिस: विधिक नोटिस भेजने के बाद भी आरोपी द्वारा भुगतान नहीं किया गया।
इस पर, अदालत ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी को मुकदमे के विचारण हेतु अदालत में हाजिर होने के लिए सम्मन जारी किया है। सम्मन में यह उल्लेख किया गया है कि यदि आरोपी निर्धारित राशि अदालत में जमा कर देता है, तो उसे मुकदमे के विचारण से राहत प्रदान की जाएगी।
अगला कदम:
अदालत का यह निर्देश चैक डिसऑनर मामलों में आरोपी को मुकदमा शुरू होने से पहले ही विवादित राशि का भुगतान कर कानूनी कार्रवाई से बचने का अवसर प्रदान करता है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- बीमा अनुबंधों में पारदर्शिता अनिवार्य: आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम ने खारिज किए 27 लाख के सात संदिग्ध दावे - July 31, 2026
- शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस से अभद्रता के आरोपी की जमानत मंजूर, अदालत ने दिए रिहाई के आदेश - July 30, 2026
- पुलिस दल पर हमले के आरोपी की जमानत मंजूर, जिला जज ने दिए रिहाई के आदेश - July 30, 2026




