आगरा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय शारिब अली की अदालत ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी देने के एक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति, ससुर, तीन जेठ और दो जिठानियों को दोषी करार दिया है।
अदालत ने इन सभी दोषियों को 3 वर्ष के कारावास और कुल 2 लाख 66 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के विवरण के अनुसार, दयालबाग क्षेत्र के नगला बूढ़ी, शीतला रोड निवासी राम दयाल उर्फ मुकेश की पुत्री वंदना का विवाह 29 जुलाई 2020 को जगनेर क्षेत्र के दुधाधारी इंटर कॉलेज के पास चांडी निवासी शंकर लाल के पुत्र राजवीर के साथ संपन्न हुआ था।
वादिया वंदना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शादी में दिए गए दान-दहेज से उसके ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे।
Also Read – गवाही के लिए अदालत न पहुंचने पर उपनिरीक्षक का वेतन रोकने के आदेश

विवाह के बाद से ही अतिरिक्त दहेज के रूप में 5 लाख रुपये की मांग को लेकर पति राजवीर, ससुर शंकर लाल, जेठ राम भरोसी, सुरेश, अनिल उर्फ यादव तथा जिठानी भारती उर्फ भूरी व नीलम उसे प्रताड़ित करने लगे और उसके साथ मारपीट की जाने लगी।
वादिया ने न्यायालय को बताया कि जब वह गर्भवती हुई और उसने एक पुत्री को जन्म दिया, तो उस दौरान इलाज का सारा खर्च भी उसके मायके वालों को ही उठाना पड़ा था।
उत्पीड़न की हद तब पार हो गई जब 19 जून 2021 को ससुराल वालों ने वादिया के साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया।
Also Read – आगरा में वर्ष 2008 के हत्या और दलित उत्पीड़न मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
इस मामले की सुनवाई के दौरान सीजेएम माननीय शारिब अली ने वादिया और अन्य गवाहों के बयानों तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहनता से अवलोकन किया।
ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पति राजवीर, ससुर शंकर लाल, जेठ राम भरोशी, सुरेश, अनिल उर्फ यादव, और जिठानी श्रीमती भारती उर्फ भूरी एवं श्रीमती नीलम को दोषी पाया।
इसके पश्चात न्यायालय ने सभी को 3 वर्ष की कैद और 2 लाख 66 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित करने का फैसला सुनाया।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin





1 thought on “दहेज उत्पीड़न मामले में पति, ससुर, जेठ और जिठानी समेत 7 को 3 वर्ष की कैद, 2.66 लाख का जुर्माना”