चेक बाउंस मामले में महिला को 6 माह की जेल, 4 लाख रुपये का जुर्माना

चेक न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

आगरा के एक स्थानीय न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अभियुक्ता अभिलाषा को दोषी करार दिया है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट (न्यायालय कक्ष संख्या-01) माननीय दीक्षा भारती ने अभियुक्ता को 6 माह के साधारण कारावास और 4 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला?

शिकायतकर्ता मुकेश कुमार बंसल ने कैलाशपुरी स्थित एक भवन को खरीदने के लिए अभिलाषा के साथ 30 लाख रुपये में सौदा किया था।

मुकेश कुमार ने एडवांस के तौर पर कुल 2,10,000/- रुपये दिए थे। हालांकि, अभिलाषा द्वारा बैनामा (रजिस्ट्री) न कर पाने के कारण, उन्होंने यह राशि वापस करने के लिए मुकेश को बैंक ऑफ बड़ौदा के दो चेक (1,10,000/- रुपये और 1,00,000/- रुपये के) जारी किए।

जब इन चेकों को बैंक में लगाया गया, तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने (‘Funds Insufficient’) के कारण वे अनादृत (बाउंस) हो गए।

कानूनी नोटिस देने के बावजूद जब रकम वापस नहीं की गई, तो मुकेश कुमार बंसल ने 2023 में धारा-138 एन.आई. एक्ट के तहत परिवाद दायर किया।

अदालत का फैसला:

न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों का अवलोकन करने के बाद पाया कि:

* अभियुक्ता ने प्रोपर्टी के संबंध में अपनी देनदारी स्वीकार की थी。

* चेक पर किए गए हस्ताक्षरों पर कोई विवाद नहीं था。

* परिवादी ने कानूनी समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं।

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जुर्माने की राशि से मिलेगी राहत:

अदालत ने आदेश दिया है कि कुल 4 लाख रुपये के जुर्माने में से 3.50 लाख रुपये शिकायतकर्ता मुकेश कुमार बंसल को हर्जाने के तौर पर दिए जाएं।

यदि अभियुक्ता जुर्माने की राशि जमा नहीं करती है, तो उन्हें 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

निर्णय के पश्चात, अभियुक्ता ने ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए समय मांगा, जिस पर न्यायालय ने 20,000/- रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की दो प्रतिभूतियां दाखिल करने पर अपील अवधि तक जमानत स्वीकार कर ली है।

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विवेक कुमार जैन
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