आगरा/नई दिल्ली ।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ‘गंभीर’ से ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुंचने के कारण, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने रविवार (14 दिसंबर) को एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है।
इस सर्कुलर में वकीलों और मुकदमों से जुड़े पक्षों को वर्तमान मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए, यदि सुविधाजनक हो, तो वीडियो कॉन्फ्रेंस (VC) मोड के माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की सलाह दी गई है।
मुख्य बिंदु:
* VC से पेशी की अनुमति: सर्कुलर के अनुसार, वकील और केस लड़ने वाले लोग सुप्रीम कोर्ट के सामने सूचीबद्ध मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के ज़रिए पेश हो सकते हैं।
Also Read – आगरा कमिश्नरेट बनी, पर नकल विभाग बनाना भूला शासन: अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री व पुलिस आयुक्त को लिखा पत्र

* CJI के निर्देश: यह एडवाइज़री भारत के चीफ जस्टिस (CJI) माननीय सूर्यकांत के निर्देशों पर जारी की गई है।
* उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य वकीलों, केस लड़ने वालों और अन्य हितधारकों के लिए बिना किसी परेशानी के कोर्ट की कार्यवाही को आसानी से और सुरक्षित तरीके से चलाना है।
* हाइब्रिड सुविधा का उपयोग: रजिस्ट्री ने वकीलों और संबंधित पक्षों से अपने-अपने मामलों में हाइब्रिड या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का सही इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है।
* नियमों का पालन: उनसे यह भी अनुरोध किया गया है कि वे वर्चुअल सुनवाई के लिए बताई गई सभी टेक्निकल और प्रोसीजरल ज़रूरतों का पालन करें।
यह एडवाइज़री सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा कचहरी लाठीचार्ज: 25 साल बाद भी मालवीय आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर अधिवक्ताओं में रोष, यूनाइटेड बार एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन - September 26, 2026
- साक्ष्य के अभाव में दहेज हत्या के आरोपी पति सहित सात बरी, बचाव पक्ष ने साबित किया झूठा मुकदमा - September 26, 2026
- आगरा दीवानी परिसर लाठीचार्ज के 25 वर्ष: मालवीय आयोग की जांच रिपोर्ट और सरकारी कार्रवाई पर आरटीआई से उठे सवाल - September 26, 2026




