प्रदेश के डीजीपी को भी लिखा एक बार फिर पत्र
भरणपोषण की राशि वसूलने में असमर्थ होने पर जारी किया गिरफ्तारी दंडादेश
आगरा 18 सितंबर ।
आगरा के पारिवारिक न्यायाधीश तृतीय माननीय प्रदीप कुमार मिश्रा ने पुलिस कमिश्नर आगरा को एक पत्र भेजकर कहा है कि उनके न्यायालय में लोंगश्री बनाम राम भजन के भरण पोषण के मामले में रिकवरी का वाद विचाराधीन है।

जिसमें लोंगश्री के पति राम भजन ने अभी तक न्यायालय के आदेश के तहत ₹61000/- अभी तक वादिया को अदा नहीं किए हैं। इस कारण पत्र के साथ कुर्की वारंट इस आशय से भेजा जा रहा हैं कि राम भजन निवासी ग्राम सामना थाना फतेहपुर आगरा की जो भी अचल संपत्ति हो उसे विक्रय कर जितनी राशि को चुकाने के लिए पर्याप्त हो उसे विक्रय कर दें और इस वारंट के अधीन जो कुछ आपने किया हो उसको प्रमाणित करते हुए इस न्यायालय को सूचित करें।
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यदि आप पुलिस कमिश्नर कार्यवाहियो के माध्यम से भरण पोषण की राशि वसूल पाने में असमर्थ हैं तो न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंच गया है कि राम भजन बिना किसी कारण भरण पोषण की धनराशि की अदा करने में असफल है अतः उसे दंडा देश देने के लिए गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। कोर्ट ने इस आशय का एक नोटिस प्रभारी निरीक्षक थाना फतेहपुर सीकरी को भी भेजा है।

परिवार न्यायालय ने डीजीपी उत्तर प्रदेश पुलिस को भी इस आशय का एक पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि इससे पूर्व में भी डीजीपी को इस आशय का पत्र भेजा गया था लेकिन अभी तक कोई संचित कार्रवाई नहीं की गई है ।
न्यायालय ने सभी पुलिस अधिकारियों को 21 सितंबर 2024 तक कार्यवाही करते हुए सूचित करने के भी निर्देश जारी किए है।
वादिया की तरफ पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा द्वारा की जा रही है।
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