आगरा ।
मां की बीमारी का हवाला देकर 3 लाख 50 हजार रुपये उधार लेने और बाद में भुगतान के तौर पर बोगस चेक देने के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-10 (एसीजेएम) माननीय मोहम्मद साजिद की अदालत ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए आरोपी को 16 जुलाई 2026 को न्यायालय में तलब करने के आदेश जारी किए हैं।
थाना फतेहपुर सीकरी के सीकरी चार हिस्सा निवासी वादी मोहम्मद आमिल ने अपने अधिवक्ता जल सिंह परिहार के माध्यम से अदालत में यह मुकदमा दायर किया था।
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परिवाद में आरोप लगाया गया है कि उसी इलाके के निवासी नेत्रपाल (पुत्र विजेंद्र सिंह) ने अपनी मां के इलाज की आवश्यकता बताकर 31 दिसंबर 2024 को वादी से 3 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि उधार ली थी।
तय समय सीमा समाप्त होने के बाद जब वादी ने अपनी उधारी की रकम वापस मांगी, तो आरोपी नेत्रपाल ने भुगतान के लिए उन्हें एक चेक दे दिया।
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वादी द्वारा उक्त चेक को जब बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह धनराशि के अभाव में डिसऑनर (बाउंस) हो गया। चेक बाउंस होने के बाद वादी ने न्याय के लिए अदालत की शरण ली।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-10 माननीय मोहम्मद साजिद ने मामले के तथ्यों, परिवाद और बाउंस हुए चेक से संबंधित साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी नेत्रपाल के विरुद्ध समन जारी किया है।
अदालत ने मामले में आरोपी को अपना पक्ष रखने के लिए 16 जुलाई 2026 की तिथि नियत करते हुए न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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