आगरा।
गवाही के लिए अदालत में बार-बार बुलाए जाने के बावजूद हाजिर न होने पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे 30) माननीय कुंदन किशोर सिंह की अदालत ने खेरागढ़ के थानाध्यक्ष हरीश कुमार शर्मा का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने इस संबंध में आगरा के पुलिस आयुक्त को निर्देश जारी करते हुए थानाध्यक्ष को 8 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित कराने को कहा है।
न्यायिक सूत्रों के अनुसार, एडीजे 30 माननीय कुंदन किशोर सिंह की अदालत में थाना बमरोली कटारा से जुड़ा राज्य बनाम प्रेम सिंह का एक मुकदमा विचाराधीन है।
यह मामला हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के तहत दर्ज है। इस अहम मामले में थानाध्यक्ष खेरागढ़ हरीश कुमार शर्मा वादी हैं और वर्तमान में उनकी गवाही होनी शेष है, जिसके लिए मुकदमा लंबित चल रहा है।
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अदालत की ओर से उनकी गवाही के लिए कई बार समन जारी किए गए थे। मामले की सुनवाई के दौरान खेरागढ़ के पैरोकार ने अदालत को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि न्यायालय द्वारा जारी किए गए समन की थानाध्यक्ष पर पूर्ण रूप से तामील हो चुकी है।
समन तामील होने के बावजूद वादी के रूप में उनका गवाही देने के लिए अदालत में उपस्थित न होना न्यायिक प्रक्रिया में विलंब का कारण माना गया।
इस स्थिति पर एडीजे माननीय कुंदन किशोर सिंह ने सख्त कदम उठाते हुए पुलिस आयुक्त को एसएचओ का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश पारित किए हैं।
साथ ही, मामले के त्वरित निस्तारण के लिए उन्हें 8 अक्टूबर को हर हाल में अदालत के समक्ष गवाही के लिए हाजिर कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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