आगरा सिविल जज सीनियर डिवीजन अष्टम माननीय रवि कुमार की अदालत में कामाख्या माता मंदिर से जुड़े वाद पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय द्वारा उपासना स्थल अधिनियम 1991 के तहत पारित आदेश का हवाला देते हुए वाद की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की।
योगेश्वर श्रीकृष्ण सांस्कृतिक अनुसंधान संस्थान ट्रस्ट द्वारा दायर वाद संख्या-1237/2026 (पूर्ववर्ती 113/2024), श्री भगवान श्री कामाख्या माता आदि बनाम उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड आदि में वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने विपक्षी के इस प्रार्थना पत्र पर न्यायालय में कड़ा विरोध दर्ज कराया।

वादी पक्ष का तर्क था कि मामले की कार्यवाही को इस आधार पर रोका नहीं जा सकता।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत विपक्षी संख्या-1 सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।
अदालत ने मामले की अग्रिम कार्यवाही के लिए 16 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। वर्तमान में यह वाद सिविल जज सीनियर डिवीजन अष्टम की अदालत में विचाराधीन है।
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