पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के आरोपी बरी, साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दिया आदेश

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा:

पुलिस दल पर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित दो सगे भाइयों, कल्ला और रामसेवक पुत्रगण कप्तान सिंह (निवासी ग्राम डोले का पुरा, थाना डांग बसई, जिला धौलपुर, राजस्थान) को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) 21 माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया है।

इस फैसले ने पुलिस की जाँच पर सवाल खड़ा कर दिया है, क्योंकि पुलिस अपने ऊपर हुए हमले के आरोपियों को भी सज़ा दिलाने में कामयाब नहीं हो पाई।

घटना का विवरण:

यह मामला थाना सैंया में दर्ज किया गया था, जिसका विवरण इस प्रकार है:

* घटना की तिथि: 17 दिसंबर 2014

* एफआईआर: तत्कालीन थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था।

Also Read – आत्मा राम ऑटो एंटरप्राइज शोरूम मालिक और मैनेजर पर SC/ST एक्ट समेत हत्या प्रयास का मुकदमा दर्ज

* पुलिस टीम: थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष डॉकी आशीष कुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी छोटे लाल, एसआई शैलेन्द्र सिंह, एसआई हरीशंकर और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम तीन प्राइवेट वाहनों से अपहृत रवी मिश्रा की रिहाई के लिए पार्वती नदी की तरफ कॉम्बिंग कर रही थी।

* हमला: पुलिस दल का आरोप था कि अचानक बदमाशों ने उन्हें जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे।

* जवाबी कार्रवाई और रिहाई: पुलिस दल द्वारा जवाबी कार्रवाई किए जाने पर, बदमाश अपहृत रवी मिश्रा (पुत्र ललित मोहन मिश्रा, निवासी लेबर कॉलोनी, हाथरस) को मौके पर छोड़कर फरार होने में कामयाब हो गए थे।

अपहृत रवी मिश्रा का बयान:

अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी मुकदमा उदय प्रताप सिंह, अपहृत रवी मिश्रा सहित कुल 6 गवाह अदालत में पेश किए गए।

अपहृत रवी मिश्रा ने अपने बयान में बताया कि:

* 29 नवंबर 2014 की रात 7:30 बजे उन्होंने सिकंदरा से भगवान टॉकीज जाने के लिए बोलेरो सवारों से लिफ्ट मांगी थी।

* सरकारी नौकरी में कार्यरत होने की जानकारी मिलने पर बदमाशों ने उन्हें बट मारकर बेहोश कर दिया और उनका अपहरण कर लिया।

* बदमाशों ने उनके ही फोन से पिता को कॉल कर डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।

* 17 दिसंबर 2014 को पुलिस दल ने उन्हें मुक्त कराया था और उस समय चांदनी रात में पुलिस एवं बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई थी।

Also Read – अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सिपाही के विरुद्ध मारपीट मामले में मांगी विस्तृत रिपोर्ट; अगली सुनवाई 15 दिसंबर को

न्यायालय का निष्कर्ष

एडीजे 21 माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव ने गवाहों के बयानों की समीक्षा की और पाया कि उनके बयानों में गंभीर विरोधाभास मौजूद है।

आरोपियों के वरिष्ठ अधिवक्ता निर्भय सिंह गुप्ता और विक्रांत गुप्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए, अदालत ने दोनों आरोपी भाइयों को साक्ष्य के अभाव (Lack of evidence) में बरी करने का आदेश दिया।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

1 thought on “पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के आरोपी बरी, साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दिया आदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *