आगरा:
अछनेरा थाने के एक सिपाही और उसके साथी पर एक युवक के साथ गंभीर मारपीट करने, साक्ष्य मिटाने तथा झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए, पीड़ित युवक ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से कोई कार्रवाई न होने पर अंततः न्यायालय की शरण ली है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 10 माननीय आतिफ सिद्दीकी आगरा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अछनेरा थाना अध्यक्ष से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और अगली सुनवाई के लिए 15 दिसंबर 2025 की तारीख तय की है।
घटना और आरोप:
दिनांक 13 नवंबर 2025 को हुई इस कथित घटना में, अछनेरा थाने के सिपाही/डाक रनर अनिल पर अपने साथी सुमित सारस्वत के साथ मिलकर युवक अभिषेक के साथ गंभीर रूप से मारपीट करने का आरोप है।

पीड़ित अभिषेक ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि सिपाही अनिल ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए:
* घटना की रिकॉर्डेड सीसीटीवी डीवीआर और मोबाइल रिकॉर्डिंग को जबरन डिलीट करवा दिया।
* मारपीट के बाद, अभिषेक और उसके साथियों के विरुद्ध थाने में एक झूठा मुकदमा भी दर्ज करवा दिया।
न्यायालय का रुख:
युवक अभिषेक ने इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों को कई शिकायतें भेजी थीं, लेकिन कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद, युवक ने अपने अधिवक्ता श्री सुमंत चतुर्वेदी के माध्यम से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 10, आगरा के समक्ष एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
माननीय न्यायालय ने प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अछनेरा थाना अध्यक्ष को आदेश दिया है कि वे पूरे मामले की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।
इस प्रकरण में अब सभी की निगाहें 15 दिसंबर 2025 की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब थाना अध्यक्ष की रिपोर्ट पेश की जाएगी।
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