आगरा:
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे)-26 माननीय अमरजीत ने फतेहपुर सीकरी में 2014 के एक मामले में भूरा नामक व्यक्ति को गैर-इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए 10 साल की कैद और ₹50,000/- का जुर्माना लगाया है।
क्या था मामला ?
यह मामला 12 दिसंबर, 2014 का है। सराय पुडता गाँव के निवासी आसिफ ने फतेहपुर सीकरी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि सुबह लगभग 8 बजे जब वह मंडी गए थे, तो उनके घर पर उनके बुजुर्ग माता-पिता और बहन मौजूद थे।
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इसी दौरान, उनके पड़ोसी भूरा, सलाउद्दीन, काले, और गुड्डी ने उनके घर के पास कूड़ा डालने और थूकने को लेकर झगड़ा शुरू कर दिया। विवाद जल्द ही हिंसक हो गया, और आरोपियों ने उनके माता-पिता के साथ मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जब आसिफ की माँ को अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई:
आसिफ की तहरीर के आधार पर, पुलिस ने भूरा, काले, और गुड्डी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। हालाँकि, जाँच के बाद पुलिस ने केवल भूरा के खिलाफ ही आरोप पत्र अदालत में पेश किया।

सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने वादी आसिफ सहित सात गवाहों को अदालत में पेश किया।
उपलब्ध साक्ष्यों और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मोहित पाल के तर्कों के आधार पर, एडीजे-26 ने भूरा को दोषी पाया और उसे 10 साल की सजा सुनाई, साथ ही ₹50,000/- का जुर्माना भी लगाया।
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