आगरा ।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय शारिब अली की अदालत ने थाना न्यू आगरा के एक उपनिरीक्षक (दारोगा) और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के संबंध में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लिया है।
अदालत ने इस मामले में थाना न्यू आगरा पुलिस से 2 जुलाई के लिए विस्तृत आख्या (रिपोर्ट) तलब की है।
मामले की पृष्ठभूमि:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओल्ड सिद्धार्थ अपार्टमेंट (खंदारी, न्यू आगरा) निवासी प्रार्थी दीपेश बोहरा (पुत्र अनिल सिंह बोहरा) ने विगत 18 जून को अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। प्रार्थी ने न्यायालय को बताया कि उसका ‘चक्रेश्वरी जेम्स’ के नाम से नग और आभूषणों का व्यापार है।
प्रार्थी के अनुसार, उसने अपने 32 लाख रुपये के जेवर और नग लखनऊ निवासी अंजना सिंह और अन्य को एक प्रदर्शनी में बेचने के लिए दिए थे। आरोप है कि आभूषणों की बिक्री के बाद भी जब रुपये नहीं लौटाए गए और रकम हड़प ली गई, तो प्रार्थी ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बिचौलिए और पुलिस की कथित भूमिका:
प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कई स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया:
* रकम वापस दिलाने का झांसा: रॉयल आकृति अपार्टमेंट (बोदला, जिला आगरा) निवासी विपक्षी विनय जैन उर्फ विनय बागचाल ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया और आभूषण व नगदी वापस दिलाने का वायदा किया।

* पुलिस कार्यालय में रिश्वत: आरोप है कि विनय जैन प्रार्थी से एक प्रार्थना पत्र लिखवाकर उसे पुलिस आयुक्त कार्यालय ले गया, जहां उसने वहां तैनात एक पुलिसकर्मी को 15 हजार रुपये दिलवाए।
* जांच का जिम्मा: इसके बाद इस मामले की जांच थाना न्यू आगरा के एक उपनिरीक्षक को अधिकृत की गई।
उपनिरीक्षक पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप:
प्रार्थी दीपेश बोहरा ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में जांच अधिकारी (उपनिरीक्षक) पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
* कमीशन की मांग: आरोप है कि उपनिरीक्षक ने फंसी हुई रकम वापस दिलाने के नाम पर प्रार्थी से 15 प्रतिशत कमीशन की मांग की।
* रिश्वत की वसूली: प्रार्थी का दावा है कि उपनिरीक्षक ने तीन अलग-अलग किस्तों में उससे कुल 1,25,000/- रुपये ले लिए।
* साक्ष्यों को खुर्द-बुर्द करना: प्रार्थी का सबसे गंभीर आरोप यह है कि उपनिरीक्षक ने लेन-देन से संबंधित सभी मूल दस्तावेज गुम हो जाने की बात कही और उन दस्तावेजों को आरोपी अंजना सिंह को सौंप दिया।
अदालत का आदेश:
प्रार्थी दीपेश बोहरा द्वारा अदालत में विनय जैन, थाना न्यू आगरा के उपनिरीक्षक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सीजेएम अदालत ने यह कदम उठाया है।
न्यायालय ने मामले के तथ्यों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगे आरोपों को देखते हुए थाना न्यू आगरा से 2 जुलाई के लिए रिपोर्ट तलब करने के आदेश जारी किए हैं।
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