आगरा 17 जून 2025:
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम ) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने थाना सदर बाजार में दर्ज एक एनसीआर (नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट) पर नियमानुसार विवेचना (जांच) करने के आदेश थानाध्यक्ष सदर को दिए हैं।
यह मामला राजस्थान के अलवर निवासी एक व्यक्ति के साथ ससुराल में हुई कथित मारपीट से जुड़ा है, जब वह अपनी पत्नी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मध्यस्थता केंद्र के आदेश पर लेने गया था।
मामले के अनुसार, बुद्ध विहार, थाना शिवाजी पार्क, अलवर (राजस्थान) निवासी वादी कुलदीप सिंह ने अपने अधिवक्ता दिनेश सिंह के माध्यम से सीजेएम अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
इसमें उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट मध्यस्थता केंद्र के 13 अप्रैल 2025 के आदेश के अनुपालन में वह अपनी पत्नी मनीषा को लिवाने के लिए अपनी ससुराल गए थे।
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वादी का आरोप है कि वहां उनके ससुरालजनों रामवीर सिंह, पंकज तोमर और कपिल उर्फ कृष्णा ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस मारपीट के कारण उनके शरीर और चेहरे पर कई चोटें आईं, और उनके कानों से सुनाई देना भी बंद हो गया।
कुलदीप सिंह ने थाना सदर में इस घटना की शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने एनसीआर तो दर्ज कर ली, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।
वादी के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए, सीजेएम ने थानाध्यक्ष सदर को मामले में नियमानुसार विवेचना करने के आदेश जारी किए हैं।
अब इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
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