आगरा,१७ जून ।
सिकंदरा थाना क्षेत्र में हुए एक हत्या के मामले में अपर जिला जज माननीय मृदुल दुबे ने साक्ष्य के अभाव में नामजद हत्यारोपी नोरा उर्फ बच्चू और अवधेश कुमार तोमर निवासी अकबरा को बरी कर दिया है।
महात्मा श्रीकांत की हत्या के इस मामले में अभियोजन पक्ष गवाहों के बयानों में विरोधाभास और पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहा, जिसके चलते आरोपियों को संदेह का लाभ मिला।
घटना 3 जनवरी, 2023 की है। वादी रुपेश पुत्र ओमप्रकाश निवासी ग्राम अकबरा, सिकंदरा ने थाने में तहरीर दी थी कि उनके चाचा श्रीकांत 20 वर्ष से गांव से बाहर एक स्वर्ग आश्रम बनाकर रहते थे और अविवाहित थे। 3 जनवरी को दोपहर करीब 3:30 बजे कुछ ग्रामीणों ने सूचना दी कि बाबा का आश्रम खुला है और वे दिखाई नहीं दे रहे।
इसके बाद रुपेश अपने पिता ओमप्रकाश और बड़े भाई ओंकार के साथ आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि आश्रम के सामने गड्ढे की झाड़ियों में श्रीकांत मृत अवस्था में पड़े थे। उनके शरीर पर कई चोटें थीं।
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वादी ने अपनी तहरीर में शक जाहिर किया था कि 1 जनवरी, 2023 को आरोपी नोरा उर्फ बच्चू और डलुआ से रुपयों को लेकर उनके चाचा की लड़ाई हुई थी और उन्हीं लोगों ने उनकी हत्या की है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि वादी ने अपनी प्राथमिकी में अवधेश कुमार तोमर का नाम नहीं लिया था, न ही बाद में अपने बयान में उनका जिक्र किया।
न्यायालय ने पाया कि वादी और अन्य गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास थे, और अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा।
इन विसंगतियों के कारण, कोर्ट ने नोरा उर्फ बच्चू और अवधेश कुमार तोमर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
आरोपियों की पैरवी अधिवक्ता एसपी सिंह बघेल, राम प्रकाश शर्मा और गोविंद शरण बघेल ने की।
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