आगरा:
विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट की न्यायाधीश माननीय सोनिका चौधरी ने 14 वर्षीया किशोरी के साथ दुराचार करने के दोषी राजेश को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है और आदेश दिया है कि जुर्माने की यह पूरी राशि पीड़िता को प्रदान की जाए।
मामला थाना बसई अरेला क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, 19 अप्रैल 2021 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे वादी की 14 वर्षीया पुत्री घर के पास घूरे पर गोबर डालने गई थी।
वहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपी राजेश पुत्र रामसेवक ने पीड़िता को पीछे से दबोच लिया। आरोपी ने अपनी साफी से किशोरी के दोनों हाथ बांध दिए और उसके साथ जघन्य कृत्य को अंजाम दिया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरी और विशेष लोक अभियोजक विजय किशन लवानियां ने प्रभावी पैरवी की।
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उन्होंने अदालत में वादी, पीड़िता, डॉक्टर चारु पचोरी, विवेचक शेर सिंह, प्रधानाचार्य ज्ञान सिंह और महिला पुलिसकर्मी शांति देवी समेत कई गवाहों को पेश किया।
हालांकि, सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां ने किन्हीं कारणों से घटना का समर्थन नहीं किया, जिस पर अदालत ने उन्हें पक्षद्रोही घोषित कर दिया।
विशेष न्यायाधीश ने गवाहों के बयानों, पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए राजेश को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि समाज में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए दोषियों को कठोर सजा मिलना आवश्यक है।
सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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