आगरा में लाखों की साइबर ठगी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

बैंक खाते से सेंधमारी कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

एडीजे प्रथम माननीय पुष्कर उपाध्याय ने मध्य प्रदेश निवासी साइबर ठगी के आरोपी आशीष रजक की जमानत अर्जी को अपराध की गंभीरता देखते हुए निरस्त करने के आदेश दिए हैं।

दो दिन में उड़ाए ₹15 लाख:

थाना साइबर क्राइम में दर्ज मामले के अनुसार, वादी मुकदमा राजेंद्र शर्मा के साथ बड़ी डिजिटल धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था। शातिर ठगों ने राजेंद्र शर्मा के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) स्थित खाते को निशाना बनाते हुए 6 अगस्त 2025 से 7 अगस्त 2025 के बीच मात्र 24 घंटों के भीतर 14,99,994/- रुपये की रकम पार कर दी थी।

Also Read – मित्र की विधवा को ₹10 लाख का ‘बोगस’ चेक देने वाला आरोपी कोर्ट में तलब

आरोपी के खाते में पहुंची ठगी की रकम:

पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि ठगी गई इस भारी-भरकम राशि का बड़ा हिस्सा आरोपी आशिष रजक (पुत्र नौनी लाल, निवासी ग्राम बच्छलोन, जिला सागर, मध्य प्रदेश) के बैंक खाते में स्थानांतरित (Transfer) किया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

न्यायालय का फैसला:

जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) आदर्श चौधरी ने प्रभावी पैरवी की।

उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह का हिस्सा है और आम जनता की मेहनत की कमाई हड़पने के गंभीर अपराध में संलिप्त है।

एडीजे प्रथम माननीय पुष्कर उपाध्याय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और साइबर अपराध की बढ़ती गंभीरता को स्वीकार करते हुए आरोपी आशीष रजक को राहत देने से इंकार कर दिया और उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group Bulletin & Channel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *