आगरा:
8 वर्षों तक शादी का झांसा देकर दुराचार करने के एक गंभीर मामले में, आगरा के जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने आरोपी दीपक शर्मा का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
दीपक शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा, निवासी सती नगर, नरायच, थाना ट्रांस यमुना, आगरा ने जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी, जिसे जिला जज ने अस्वीकार करने का आदेश दिया।
जानिये क्या है पूरा मामला ?
थाना ट्रांसयमुना में दर्ज मुकदमे के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला (वादनी मुकदमा) का आरोप था कि आरोपी दीपक शर्मा के साथ उसके विगत 8 वर्षों से प्रेम संबंध थे।
पीड़िता ने बताया कि इस रिश्ते की जानकारी आरोपी के बड़े भाई की पत्नी (भाभी) और अन्य परिजनों को भी थी।
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आरोप है कि दीपक शर्मा अपने बड़े भाई की शादी होने का हवाला देकर, इन 8 वर्षों से लगातार पीड़िता को शादी का झांसा देता रहा और इस दौरान उसके साथ दुराचार करता रहा।
जब पीड़िता ने शादी के लिए अधिक दबाव बनाया, तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने मजबूरन उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया।
अदालत का फैसला:
जिला जज ने मामले की गंभीरता, पीड़िता के बयान और जिला शासकीय अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर आरोपी दीपक शर्मा की जमानत अर्जी निरस्त करने का आदेश दिया।
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