आगरा /प्रयागराज 03 दिसंबर ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ” विश्वविद्यालय उचित समय पर चुनाव कराएगा ” यह जवाब याचिका में उठाए गए कारणों का उचित जवाब नहीं है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ में विधि संकाय के एलएलएम छात्र कैफ हसन ने जनहित याचिका दाखिल की है।

एएमयू के अधिवक्ता ने न्यायालय में जवाब दाखिल कर बताया कि स्थिति अनुकूल न होने और परीक्षा के चलते अभी चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के इस जवाब से न्यायालय संतुष्ट नहीं हुआ और विश्वविद्यालय के अधिवक्ता को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याची के अधिवक्ता नदीम अंजुम, अली बिन सैफ और जीशान खान की दलील है कि विश्वविद्यालय 2019 से चुनाव नहीं करा रहा है।
एमएमयू अधिनियम 1920 और लिंगदोह समिति की सिफारिश के अनुसार विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए बाध्य है। इस मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी 2025 को नियत गई है।
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