आगरा/प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे गन कल्चर यानी शस्त्र संस्कृति को लेकर दायर एक याचिका पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
यह आदेश जस्टिस विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने भदोही के निवासी जय शंकर द्वारा दाखिल की गई एक रिट सी याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।
मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता जय शंकर ने शस्त्र लाइसेंस न मिलने के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य में शस्त्रों के बढ़ते चलन पर संज्ञान लिया था।

इसी क्रम में बीती 20 मई को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से कई प्रमुख राजनेताओं और बाहुबलियों सहित कुल 83 लोगों के शस्त्र लाइसेंसों और उनके आपराधिक इतिहास के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी थी।
इन नामों में राजा भैया, अब्बास अंसारी, बृज भूषण शरण सिंह और धनंजय सिंह जैसे नाम शामिल थे।
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने इस मामले से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं और सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए तथ्यों पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद अब अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसे आने वाले दिनों में सुनाया जाएगा।
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