वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र का मामला; अपील की अंतिम सुनवाई 14 जुलाई को
आगरा/प्रयागराज।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र से जुड़े हत्या के एक मामले में दोषी करार दिए गए अमित कुमार जायसवाल उर्फ राजन की सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने अपील के लंबित रहने तक जुर्माने की वसूली पर भी रोक लगा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा की खंडपीठ ने अमित कुमार जायसवाल की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए दिया।
बचाव पक्ष की दलीलें:
अपीलार्थी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. मिश्र एवं चंद्रकेश मिश्र ने पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि:
* घटना का स्वरूप: बच्ची की माँ के बयान के अनुसार, वह स्वयं बच्ची सहित गिर पड़ी थी, जिससे लगी गंभीर चोट के कारण बच्ची की मृत्यु हुई।
* साक्ष्यों की अनदेखी: सत्र अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का सही ढंग से परिशीलन (Examine) नहीं किया और दोषसिद्धि का निर्णय दे दिया।

* साफ रिकॉर्ड: आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है।
* लंबी प्रक्रिया: चूंकि अपील पर अंतिम निर्णय आने में समय लगने की संभावना है, इसलिए अपीलार्थी को जेल में रखना न्यायोचित नहीं होगा।
न्यायालय के निर्देश:
खंडपीठ ने दलीलों को स्वीकार करते हुए सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी और आरोपी को जमानत प्रदान की। साथ ही, कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि अपील की ‘पेपर बुक’ तैयार की जाए ताकि मामले का अंतिम निस्तारण किया जा सके।
अगली सुनवाई: अदालत ने इस अपील को अंतिम सुनवाई के लिए 14 जुलाई 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- महाकुंभ भगदड़ मुआवजा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तय किया अधिकार क्षेत्र, मेलाधिकारी 30 दिनों में लें निर्णय - May 1, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: बालिगों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध बलात्कार की श्रेणी में नहीं - April 28, 2026
- मदरसों की एटीएस जांच पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब - April 24, 2026




