आगरा/प्रयागराज: १२ जून ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के चौबेपुर थानाक्षेत्र के राम बिहारी चौबे हत्याकांड में क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह को बतौर अभियुक्त तलब किए जाने की मांग में दाखिल निगरानी याचिका पर नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति दिनेश पाठक ने अमरनाथ चौबे की निगरानी याचिका पर उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय की दलीलें सुनने के बाद
यह आदेश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी, जिस दौरान दोनों पक्षों को अपना जवाब और प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल करने का समय दिया गया है।
यह मामला 4 दिसंबर 2015 को अमरनाथ चौबे के पिता राम बिहारी चौबे की गोली मारकर हुई हत्या से संबंधित है।इस हत्याकांड की एफआईआर वाराणसी के चौबेपुर थाने में याची के भाई अभय नाथ चौबे ने दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में नागेन्द्र उर्फ राजू, अजय सिंह उर्फ अजय मरदह और सनी सिंह को गिरफ्तार किया था।अभियुक्त नागेन्द्र उर्फ राजू ने अपने बयान में बताया था कि उसने अजय सिंह के कहने पर हत्या को अंजाम दिया था।
चूंकि अजय सिंह स्थानीय विधायक सुशील सिंह के लगातार संपर्क में था, पुलिस ने विधायक सुशील सिंह के खिलाफ भी विवेचना शुरू की। हालांकि, याची का आरोप है कि विधायक की राजनीतिक पहुंच और सत्ताधारी पार्टी से जुड़े होने के कारण पुलिस ने ठीक से विवेचना नहीं की।
इस पर याची ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव की देखरेख में सीओ स्तर के अधिकारी से विवेचना कराने का निर्देश दिया।इसके बाद याची ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को मामले की विवेचना का जिम्मा सौंपा और उन्हें जांच के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जांच अधिकारी की रिपोर्ट वाराणसी की ट्रायल कोर्ट भेजी गई, जहां अन्य अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। याची ने जांच अधिकारी के निष्कर्ष को खारिज करने और विधायक सुशील सिंह को अभियुक्त के तौर पर तलब करने के लिए ट्रायल कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने यह अर्जी खारिज कर दी।इसके बाद अमरनाथ चौबे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह निगरानी याचिका दाखिल की है।
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