इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पशु चारे की नमकीन मानव उपयोग के लिए बेचने से रोकने की भारत सरकार को गाइडलाइंस जारी करने का निर्देश

उच्च न्यायालय मुख्य सुर्खियां
कोर्ट ने केन्द्र सरकार से पूरे देश से रिजेक्टेड एक्सपायर नमकीन की नीलामी का डाटा मांगा
प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उ प्र से मांगा हलफनामा
मामले में अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी

आगरा /प्रयागराज 24 सितंबर।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ब्रांडेड कंपनियों के एक्सपायर्ड या रिजेक्टेड नमकीन की नीलामी लेकर मानव उपभोग के लिए खुले बाजार में बिक्री को लेकर कायम जनहित याचिका पर प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उ प्र लखनऊ व खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकारी भारत सरकार को पक्षकार बनाते हुए जवाबी हलफनामा मांगा है और कहा है कि पशुओं के चारे के इस्तेमाल के नाम पर नीलामी लेकर मानव उपयोग में बेचने वालों पर कार्रवाई हो।

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कोर्ट ने कहा सरकार रिजेक्टेड नमकीन की नीलामी करने से पहले उसका पाउडर बनाये ताकि खरीदने वाले उसका मानव उपयोग के लिए इस्तेमाल न कर सके।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से पशु चारे पर सभी राज्यों के लिए गाइडलाइन तैयार करने को कहा है और राज्यवार डाटा पेश करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि पशुओं के लिए रिजेक्टेड नमकीन खरीद कर मानव उपयोग के लिए खुले बाजार में बेचने का प्रचार किया जाय ताकि स्थानीय स्तर पर ह्विसिल ब्लोअर मुद्दे को उठाकर मानव जीवन के खतरे को बचा सके।

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कोर्ट ने प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उ.प्र. से जवाब मांगा है और राज्य सरकार को कृत कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति वी.के. बिड़ला तथा न्यायमूर्ति ए.के.सिंह देशवाल की खंडपीठ ने स्वत:कायम जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि 2023-24 में प्रदेश के 93 नमकीन निर्माता यूनिट से 3050089 किलो रिजेक्टेड नमकीन मिला ।

जिसमें से 3011678 किलो नमकीन क्रश किया गया और 38411किलो नष्ट कर दिया गया है। इसी तरह 2024-25 में 90 नमकीन निर्माता कंपनियों से 1615781किलो रिजेक्टेड नमकीन मिला।

जिसमें से 1593131किलो क्रश किया गया और 22642 किलो नष्ट किया गया है। प्रदेश सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व भारत सरकार के अधिवक्ता विवेक कुमार सिंहइंटरवीनर आशुतोष कुमार तिवारी ने पक्ष रखा।

कोर्ट ने तिवारी को भी डाटा इकट्ठा करने का प्रयास करने को कहा है।

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मनीष वर्मा
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